Paonta Sahib: भंगानी साहिब से पाँवटा साहिब पहुंचा फतेह मार्च, साहिबजादा अजीत सिंह का 339वां प्रकाश पर्व... ddnewsportal.com
Paonta Sahib: भंगानी साहिब से पाँवटा साहिब पहुंचा फतेह मार्च, साहिबजादा अजीत सिंह का 339वां प्रकाश पर्व...

सिक्ख समाज के दसवें गुरू गोबिंद सिंह जी के भंगानी साहिब युद्ध जीतने और साहिबजादे अजित सिंह के जन्म के उपलक्ष पर हर वर्ष निकलने वाला फतेह मार्च भंगानी से शुरू हुआ और लगभग 20 किलोमीटर की यात्रा के बाद शाम को पाँवटा साहिब पहुंचा। हर साल यह फतेह मार्च गुरु गोबिंद सिंह के भंगानी युद्ध की फतेह की याद और साहिबजादे अजीत सिंह के जन्म पर आयोजित किया जाता है। इसके साथ ही प्रख्यात संत बाबा अजीत सिंह जी के 339वें प्रकाश दीहाड़े के पावन अवसर पर गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब में भव्य श्रद्धा एवं भक्ति का माहौल कायम रहा। सुबह से ही सिख समाज के श्रद्धालुओं की भारी भीड़ गुरुद्वारे में पहुंची और गुरबाणी के स्वर से पूरा प्रांगण गूंज उठा।

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मैनेजर सरदार जागीर सिंह, उप प्रबंधक गुरमीत सिंह और मीत प्रधान जत्थेदार सरदार हरभजन सिंह आदि ने कहा कि बाबा अजीत सिंह जी का जीवन सेवा, साहस और मानवता का अनमोल संदेश था। उन्होंने दी गई शिक्षाओं का अनुसरण कर समाज में भाईचारे और नैतिकता को बढ़ावा देने का संदेश देता है। इस अवसर पर गुरुद्वारा पाहवा कमेटी द्वारा लंगर का भी विशेष आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूरे प्रेम के साथ गुरु का प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम के दौरान संगत को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ताओं ने कहा कि प्रकाश दीहाड़ा केवल उत्सव नहीं, बल्कि गुरु के आदर्शों का स्मरण और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प भी है। उन्होंने सभी से एकता, करुणा तथा समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा ली। विशेष कीर्तन, स्मरण समारोह और गुरबाणी के श्लोकों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत–प्रोत कर दिया। अंत में सभी संगत ने गुरु चरणों में नतमस्तक होकर इस पुण्य दिवस को सफल एवं मंगलमय बनाने का संकल्प लिया।

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पांवटा साहिब के पदाधिकारियों ने बताया कि फतेह मार्च का स्वागत गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब मे किया गया। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिन्द सिंह जी के भंगाणी साहिब में पहला धर्म युद्ध जीत की खुशी में तथा साहिबजादा बाबा अजीत सिंह के जन्म पर फतेह मार्च का आयोजन हर साल किया जाता है। इस मार्च में पांवटा साहिब के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु पंहुचे। 20 किलोमीटर के इस मार्च में जगह जगह पर जलपान के स्टाल लगाकर श्रद्धालुओं का स्वागत सत्कार किया गया। इनमें धार्मिक, सामाजिक और राजनैतिक संगठन भी शामिल रहे।
