Himachal News: आय से अधिक संपत्ति मामले में धर्मशाला विधायक के खिलाफ विजिलेंस ने दर्ज की एफआईआर ddnewsportal.com

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Himachal News: आय से अधिक संपत्ति मामले में धर्मशाला विधायक के खिलाफ विजिलेंस ने दर्ज की एफआईआर

हिमाचल प्रदेश राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) ने धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के आरोपों को लेकर एफआईआर दर्ज की है।
यह मामला सोर्स इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट के आधार पर की गई प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।

प्रारंभिक जांच के दौरान विजिलेंस ब्यूरो ने विभिन्न सरकारी विभागों और वैधानिक संस्थाओं से प्राप्त वित्तीय एवं संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड की जांच की। इनमें आयकर रिटर्न, चुनावी हलफनामे और घोषणाएं, संपत्ति संबंधी दस्तावेज, हाउस बिल्डिंग एडवांस का रिकॉर्ड तथा सक्षम अधिकारियों से प्राप्त संपत्ति मूल्यांकन रिपोर्ट शामिल हैं।
जांच में प्रथम दृष्टया संबंधित लोक सेवक की संपत्ति और खर्च उसकी ज्ञात वैध आय के स्रोतों की तुलना में अधिक पाए जाने के तथ्य सामने आए। उपलब्ध संपत्ति, आय और खर्च से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान करने के बाद विजिलेंस ब्यूरो को नियमित आपराधिक मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू करने के लिए पर्याप्त आधार मिले। प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों का भी पता चला है, जिनकी आगे जांच और सत्यापन किया जाना आवश्यक है।

 इनमें घोषित आय के स्रोत, जमीन की बिक्री से जुड़े लेन-देन, निवेश एवं बैंकिंग ट्रांजेक्शन, वाहनों की खरीद और आवासीय संपत्ति के निर्माण पर हुए खर्च से जुड़े पहलू शामिल हैं।

प्रारंभिक जांच के दौरान निर्माण खर्च से संबंधित कुछ रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो सके। वहीं, आवासीय संपत्ति के मूल्यांकन के साथ-साथ उसके इंटीरियर कार्य, फिक्स्चर और फर्निशिंग पर हुए खर्च का भी तकनीकी आकलन किया जाना बाकी है। इन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी।

विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के लागू प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज कर कानून के अनुसार जांच शुरू कर दी है।

जांच के दायरे में संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड और बैंकिंग लेन-देन, चल एवं अचल संपत्तियां, निवेश, डिजिटल साक्ष्य, आवासीय संपत्ति का तकनीकी मूल्यांकन तथा अन्य संबंधित लेन-देन शामिल होंगे। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसकी भी कानून के अनुसार जांच की जाएगी।

हिमाचल प्रदेश राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कहा है कि मामला अभी जांच के अधीन है। जांच के दौरान एकत्र किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।