Paonta Sahib: पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हीलिंग पृथ्वी की नई पहल, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी राजकीय महाविद्यालय के साथ एमओयू साइन ddnewsportal.com
Paonta Sahib: पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हीलिंग पृथ्वी की नई पहल, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी राजकीय महाविद्यालय के साथ एमओयू साइन
समझौता ज्ञापन के साथ “पौधा अपनाएं- वृक्ष की रक्षा करें- वृक्ष संरक्षक बनें” अभियान का भी शुभारंभ

पर्यावरण संरक्षण, जलवायु जागरूकता, सतत विकास एवं युवाओं की पर्यावरणीय भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत श्री गुरु गोबिंद सिंह जी राजकीय महाविद्यालय, पांवटा साहिब और हीलिंग पृथ्वी संस्था (Healing Prithvi) के बीच आज दो वर्ष की अवधि के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस MoU पर महाविद्यालय के प्राचार्य जगदीश चौहान तथा Healing Prithvi की अध्यक्ष सुश्री नरेंद्र कौर सैनी ने हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर महाविद्यालय की ओर से NSS प्रभारी प्रो. संजीव कुमार एवं प्रो. नीलम कुमारी उपस्थित रहे। हीलिंग पृथ्वी की ओर से स्मृति वर्मा, केशव दीक्षित, दीपक वर्मा, कृष्णा वर्मा एवं गुरचरण कोहली उपस्थित रहे। इस सहयोग का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, सतत जीवनशैली, कचरा प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण एवं सामुदायिक पर्यावरणीय गतिविधियों से जोड़ना है। इसके अंतर्गत आने वाले समय में महाविद्यालय के NSS स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों एवं विभिन्न छात्र इकाइयों के सहयोग से सेमिनार, जागरूकता कार्यक्रम, सूचना-शिक्षा-संचार (IEC) गतिविधियां, शून्य अपशिष्ट पहल, वृक्ष संरक्षण तथा अन्य पर्यावरणीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

MoU पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद दोनों संस्थाओं के साझा पर्यावरणीय प्रयासों को जमीनी स्तर पर शुरू करते हुए “पौधा अपनाएं – वृक्ष की रक्षा करें – वृक्ष संरक्षक बनें” अभियान का भी शुभारंभ किया गया। अभियान के शुभारंभ के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में NSS विद्यार्थियों द्वारा पौधारोपण किया गया। विद्यार्थियों ने पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण एवं देखभाल की जिम्मेदारी लेने का संदेश भी दिया।
Healing Prithvi का यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लगाए गए पौधों को जीवित रखना, उनकी नियमित देखभाल करना और नागरिकों एवं विद्यार्थियों को वृक्ष संरक्षक के रूप में जोड़ना है। अभियान के तहत Healing Prithvi नागरिकों से अपील करता है कि वे आगे आएं, किसी पौधे या वृक्ष को अपनाएं और उसकी देखभाल एवं संरक्षण की जिम्मेदारी लें। प्रत्येक पंजीकृत वृक्ष अपनाने वाले व्यक्ति को वृक्ष अपनाने का प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा तथा उनके पर्यावरणीय योगदान को Healing Prithvi के सोशल मीडिया माध्यमों पर सम्मानपूर्वक प्रदर्शित किया जाएगा। इस अभियान में पौधे केवल पंजीकृत वृक्ष अपनाने वालों को ही दिए जाएंगे। इसके लिए इच्छुक नागरिकों को Healing Prithvi द्वारा उपलब्ध कराए गए Google Form के माध्यम से पंजीकरण करना होगा।
Healing Prithvi का स्थापना दिवस 19 अगस्त है। इस अवसर पर Healing Prithvi द्वारा Foundation Week 12 August se 19 August मनाया जाएगा, जिसके अंतर्गत विभिन्न पर्यावरणीय एवं जनभागीदारी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
वृक्ष अपनाने का यह अभियान Healing Prithvi (Foundation Week )की प्रमुख पहलों में से एक होगा, जिसके माध्यम से अधिक से अधिक नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं को वृक्ष संरक्षण की जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर Healing Prithvi की अध्यक्ष सुश्री नरेंद्र कौर सैनी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि “एक पौधा लगाना शुरुआत है, लेकिन उसे वृक्ष बनने तक संभालना वास्तविक पर्यावरण सेवा है।” उन्होंने नागरिकों से अभियान से जुड़कर वृक्षों की जिम्मेदारी लेने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

महाविद्यालय के प्राचार्य श्री जगदीश चौहान ने इस सहयोग को विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया तथा NSS स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। यह दो वर्षीय MoU आने वाले समय में पर्यावरण शिक्षा, युवा सहभागिता, NSS गतिविधियों, सामुदायिक जागरूकता और व्यावहारिक पर्यावरणीय कार्रवाई को मजबूत करने की दिशा में महाविद्यालय और Healing Prithvi के बीच एक साझा मंच के रूप में कार्य करेगा।
Healing Prithvi का संदेश है—
“पौधा लगाएं ही नहीं, उसकी जिम्मेदारी भी लें।” पौधा अपनाएं, वृक्ष की रक्षा करें और वृक्ष संरक्षक बनें।