Paonta Sahib: राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब में शैक्षणिक सत्र 2026–27 से मेरिट के आधार पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू ddnewsportal.com
Paonta Sahib: राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब में शैक्षणिक सत्र 2026–27 से मेरिट के आधार पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू, एक जून से एडमिशन शुरु: डाॅ. चौहान
प्रदेश सरकार एवं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वीकृति से शैक्षणिक सत्र 2026–27 से राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पांवटा साहिब में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत मेरिट आधारित सेमेस्टर प्रणाली लागू कर दी गई है। यह नीति कौशल विकास एवं बहुविषयक शिक्षा के माध्यम से छात्रों के समग्र विकास पर केंद्रित है।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश चौहान ने बताया कि बी.ए., बी.कॉम. एवं बी.एससी. के प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुसार महाविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत विद्यार्थियों को प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर में प्रत्येक में 6 विषयों का अध्ययन करना होगा। इनमें से विद्यार्थियों को तीन मुख्य विषय (A, B, C) का एक संयोजन चुनना होगा तथा प्रवेश 12वीं कक्षा की मेरिट के आधार पर दिया जाएगा।
उपलब्ध संसाधनों, अधोसंरचना एवं स्वीकृत प्राध्यापक पदों के आधार पर महाविद्यालय में मानविकी में 69 संयोजन, भौतिक विज्ञान में 2 तथा वाणिज्य एवं जीवन विज्ञान में 1-1 संयोजन निर्धारित किए गए हैं।
विद्यार्थियों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी 12वीं कक्षा के अंकों एवं रुचि के अनुसार मानविकी में 7 संयोजनों की प्राथमिकताएँ देनी होंगी, परंतु इन प्राथमिकताओं में कोई भी विषय दो बार से अधिक नहीं दोहराया जाना चाहिए। प्रवेश पूर्णतः 12वीं कक्षा की मेरिट के आधार पर निर्धारित किए जाएंगे। मानविकी के किसी भी मुख्य विषय में अधिकतम 120 विद्यार्थियों तथा वाणिज्य एवं विज्ञान संकायों में अधिकतम 130 विद्यार्थियों की सीमा निर्धारित की गई है। अन्य महाविद्यालयों से स्थानांतरण (Migration) लेने वाले विद्यार्थियों को भी उपलब्ध संयोजनों के अंतर्गत यथासंभव समायोजित किया जाएगा।

प्रथम दो सेमेस्टर में चुने गए तीनों मुख्य विषयों का समान महत्व होगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक सेमेस्टर में विद्यार्थियों को बहुविषयक, कौशल विकास एवं योग्यता संवर्धन विषयों का अध्ययन करना अनिवार्य होगा। प्रथम वर्ष में ही शीतकालीन अवकाश के दौरान सभी विद्यार्थियों को निम्न में से किसी एक कार्यक्रम को पूर्ण करना अनिवार्य होगा—इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, फील्ड प्रोजेक्ट या सामुदायिक सहभागिता। इन श्रेणियों (इंटर्नशिप/अप्रेंटिसशिप/फील्ड प्रोजेक्ट, सामुदायिक सहभागिता/फील्ड आधारित शिक्षण/माइनर प्रोजेक्ट) के अंतर्गत प्रत्येक पाठ्यक्रम 4 क्रेडिट का होगा। प्रत्येक विद्यार्थी को शिक्षण संकाय में से एक पर्यवेक्षक (Supervisor) आवंटित किया जाएगा। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के सफल मूल्यांकन के पश्चात ही वे द्वितीय सेमेस्टर पूर्ण करने के पात्र होंगे।
प्रथम दो सेमेस्टर सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने के पश्चात तृतीय सेमेस्टर से विद्यार्थियों के लिए दो डिग्री विकल्प उपलब्ध होंगे—
■ एकल मेजर डिग्री कार्यक्रम एवं बहुविषयक डिग्री कार्यक्रम
एकल मेजर डिग्री कार्यक्रम में विद्यार्थी अपने प्रारंभिक A, B, C संयोजन में से एक विषय को कोर मेजर तथा एक को माइनर विषय के रूप में चुन सकते हैं।
बहुविषयक डिग्री कार्यक्रम में विद्यार्थी शेष सेमेस्टरों में दो मुख्य विषयों के साथ एक माइनर विषय का अध्ययन जारी रखेंगे।
महाविद्यालय में इन दोनों कार्यक्रमों में से कौन-सा लागू किया जाएगा, यह सरकार एवं विश्वविद्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति लचीली है तथा मल्टीपल एंट्री एवं एग्जिट प्रणाली पर आधारित है, जिसके अंतर्गत:
1 वर्ष के बाद: प्रमाण पत्र (Certificate), 2 वर्ष के बाद: डिप्लोमा, 3 वर्ष के बाद: डिग्री (मेजर या बहुविषयक) , 4 वर्ष के बाद: ऑनर्स डिग्री (विशिष्ट मेजर)
प्राचार्य ने जोर देते हुए कहा कि प्रथम सेमेस्टर में चुना गया तीन मुख्य विषयों का मेरिट आधारित संयोजन संपूर्ण डिग्री अवधि में निर्णायक रहेगा। उन्होंने सभी अभिभावकों एवं भावी विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने विषय संयोजन का चयन अत्यंत सावधानीपूर्वक करें। साथ ही विद्यार्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रवेश शुल्क जमा कराने की सलाह दी गई है, अन्यथा उनकी सीट मेरिट सूची के अगले पात्र विद्यार्थी को प्रदान कर दी जाएगी। डॉ. चौहान ने यह भी सुझाव दिया कि विद्यार्थी अन्य महाविद्यालयों में भी आवेदन करें, ताकि यदि उन्हें अपनी पसंद के विषय में प्रवेश न मिल सके तो उनके पास अन्य विकल्प उपलब्ध रहें।
प्रथम सेमेस्टर की सभी कक्षाओं के प्रवेश 1 जून 2026 से प्रारंभ होंगे। प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित संपूर्ण जानकारी महाविद्यालय के प्रॉस्पेक्टस में उपलब्ध है, जो महाविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.gcp.ac.in पर उपलब्ध है।