Paonta Sahib: बिजली बोर्ड कार्यालय के बाहर कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन, पढ़ें क्या है मांगे... ddnewsportal.com
Paonta Sahib: बिजली बोर्ड कार्यालय के बाहर कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन, पढ़ें क्या है मांगे...

इलेक्ट्रिकल डिवीजन, पाँवटा साहिब के बद्रीपुर 33 केवी सब स्टेशन के कैंपस में नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी के आह्वान पर इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉइज़, इंजीनियर्सपेन पेंशनर्स और आउटसोर्स कर्मचारी साथी पूर्ण रूप से पेन डाउन एवं टूल डाउन हड़ताल पर रहे। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा गया है, जिससे आम जनता को आवश्यक सेवाओं में कोई बाधा नहीं आये।
इलेक्ट्रिकल डिवीजन पाँवटा साहिब में भोजनावकाश के दौरान बिजली बोर्ड कार्यालय के बाहर निजीकरण के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों कर्मचारियों, अभियंताओं, आउटसोर्स कर्मियों, बिजली बोर्ड पेंशनरों एवं विद्युत उपभोक्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
यह विरोध प्रदर्शन हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड के कर्मचारियों, अभियंताओं, आउटसोर्स कर्मियों एवं पेंशनभोगियों के संगठनों की संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) के आह्वान पर पूरे प्रदेश में एक साथ आयोजित किया गया। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2025 का कड़ा विरोध करना है, जिसमें बिजली क्षेत्र के निजीकरण का स्पष्ट प्रावधान किया गया है।

स्थानीय संयुक्त कार्रवाई समिति ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार राज्य सरकारों पर बिजली कंपनियों के निजीकरण हेतु दबाव बना रही है। इसी क्रम में विद्युत अधिनियम में अनेक संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं। हाल ही में ऊर्जा मंत्रालय द्वारा विद्युत संशोधन विधेयक, 2025 का मसौदा प्रस्तुत किया गया है,
जिसे वर्तमान बजट सत्र में संसद में पेश किए जाने की संभावना है। वक्ताओं ने कहा कि जिन राज्यों में बिजली वितरण का कार्य निजी कंपनियों को सौंपा गया है, वहां यह प्रयोग अपेक्षित परिणाम देने में असफल रहा है। इससे उपभोक्ताओं के साथ-साथ राज्य सरकारों को भी वित्तीय एवं प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद केंद्र सरकार शेष सरकारी बिजली कंपनियों को भी प्रतिस्पर्धा के नाम पर निजी हाथों में देने का प्रयास कर रही है।
प्रस्तावित विधेयक में एक ही क्षेत्र में अनेक वितरण कंपनियों को कार्य करने की अनुमति, सरकारी बिजली बोर्ड के नेटवर्क का निजी कंपनियों द्वारा उपयोग, तथा मध्यम एवं निम्न वर्ग के उपभोक्ताओं को दी रही क्रॉस सब्सिडी समाप्त करने जैसे प्रावधान शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर, दूरदराज एवं जनजातीय क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी केवल सरकारी कंपनी पर ही रखी गई है। इसे राज्यों की संघीय शक्तियों को कमजोर करने का प्रयास बताया गया।

वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में बिजली क्षेत्र युवाओं के रोजगार का एक बड़ा स्रोत है। निजीकरण से रोजगार के अवसरों में भारी गिरावट आएगी। वर्तमान में बोर्ड के कुल राजस्व का लगभग 64 प्रतिशत औद्योगिक उपभोक्ताओं से प्राप्त होता है। यदि यह वर्ग निजी कंपनियों के पास चला जाता है, तो सरकारी बिजली कंपनी की वित्तीय स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित होगी, जिसका सीधा असर कर्मचारियों की सेवा शर्तों पेंशन भुगतान एवं भविष्य की सुरक्षा पर पड़ेगा।
निजीकरण से वितरण प्रणाली के रख-रखाव कार्यों में भी गिरावट की आशंका व्यक्त की गई, जिससे बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता एवं उपभोक्ता सेवाएं कमजोर हो सकती हैं। निजी कंपनियां बड़े उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देंगी, जबकि छोटे एवं घरेलू उपभोक्ताओं की सेवा गुणवत्ता में गिरावट आएगी। संयुक्त कार्रवाई समिति ने स्मार्ट मीटरिंग योजना का भी विरोध करते हुए कहा कि इसका भारी वित्तीय बोझ प्रदेश की जनता पर डाला जा रहा है, जबकि इसका संभावित लाभ भविष्य में निजी कंपनियों को मिलने की आशंका है।
समिति के नेताओं ने स्पष्ट किया कि बिजली बोर्ड के निजीकरण के बजाय उसे सशक्त बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए कर्मचारियों की कमी को दूर करने हेतु नई भर्ती, कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, 10-12 वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों के लिए स्थायी नीति, तथा लंबित सेवानिवृत्ति लाभों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर उपभोक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल कर्मचारियों की नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता और उपभोक्ताओं की भी लड़ाई है। यदि केंद्र सरकार निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ती है, तो प्रदेश की जनता बिजली कर्मचारियों के साथ मिलकर इस सार्वजनिक ढांचे को बचाने के लिए व्यापक आंदोलन करेगी।

इस धरने में कर्मचारी संघ से इम्तियाज हाशमी, बॉबिन सिंह, सुनील कुमार, गौरव ठाकुर, गोपाल (आउटसोर्स/क्लास-IV), हंसराज, अजय कुमार, अश्वनी कुमार, अनिल भारती, सुश्री मंजाना (महिला प्रकोष्ठ), अमित चौहान, प्रीतम, राजेश, संजय कुमार, योगेंद्र, सचिन, अनिल शर्मा, राजेंद्र सिंह, प्रदीप शर्मा, सीमा, निर्मल सिंह सहोता, अमित, जय प्रकाश, प्रमोद शर्मा, संवीर तोमर, दीप चंद, रोहित कुमार, सतिंदर सिंह नेगी, इनाम खान, राजेश कुमार, हरदेव सिंह सहित अभियंता संघ से Er. मुकेश (महासचिव), Er. अमित, Er. अमन यादव, पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन से सतीश गुप्ता, पी. के. सिंघल, पूरण चंद, हुकुम राणा, एम् एस खम्बा, पीलू राम, धनबीर, जावीर अहमद, जीवन राम, रणजीत सिंह, जगदीश चंद, सुरेन्द्र सिंह और ज्वाइंट एक्शन समिति से को-कन्वीनर अमित कुमार और अमन यादव आदि मौजूद रहे।