Sirmaur: 25 वर्षों से बदहाल सड़क और बंद बस सेवा से त्रस्त जनता की आवाज़ पहुंची राजधानी, अधिकारियों से मुलाकात ddnewsportal.com
Sirmaur: 25 वर्षों से बदहाल सड़क और बंद बस सेवा से त्रस्त जनता की आवाज़ पहुंची राजधानी, अधिकारियों से मुलाकात

जिला सिरमौर के विकास खंड एवं तहसील शिलाई के अंतर्गत रास्त, तांदियो, नाया पंजोड़, हलाहं, क्लोना, रिनोई, मानल तथा आसपास के गांवों के प्रतिनिधिमंडल ने 24 एवं 25 जुलाई को राजधानी शिमला में मुख्यमंत्री कार्यालय, हिमाचल प्रदेश सचिवालय, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, उद्योग मंत्री कार्यालय, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता, हिमाचल पथ परिवहन निगम के निदेशक एवं कार्यकारी निदेशक तथा विधानसभा सचिवालय में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल में समाजसेवी रणदीप शर्मा खाजटा, वर्तमान उपप्रधान कमल किशोर, पूर्व वार्ड सदस्य गोपाल शर्मा, अमित कुमार, विवेक, आशीष सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं, जिसमें पहली मांग रोनहाट –रास्त–मानल–रिनोई–क्लोना–तानदियो सड़क के शीघ्र पक्कीकरण की रही। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यह सड़क पिछले लगभग 25 वर्षों से बदहाल अवस्था में है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, नालियों का निर्माण नहीं हुआ है, डंगे, सोलिंग एवं मेटलिंग का कार्य अधूरा पड़ा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।

दूसरी मांग शिमला–तानदियो एचआरटीसी बस सेवा को नियमित रूप से संचालित करने की रही। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पिछले दो सप्ताह से बस सेवा पूरी तरह बंद है, जबकि अक्सर 15–20 दिनों तक भी बस इस रूट पर नहीं आती। इससे विद्यार्थियों, कर्मचारियों, मरीजों, महिलाओं तथा आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही यह भी मांग उठाई गई कि इस रूट को नेरवा डिपो के स्थान पर तारा देवी डिपो से संचालित किया जाए ताकि बस सेवा नियमित और विश्वसनीय बन सके।
तीसरी मांग कफेनू–तानदियो सड़क को लोक निर्माण विभाग के अधीन लाकर इसे बस योग्य बनाया जाए तथा आवश्यक सुधार कार्य पूरा कर एचआरटीसी की नियमित बस सेवा प्रारंभ की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए वन विभाग से अनुमति मिलने की प्रक्रिया भी लंबे समय से लंबित रही है। विभागीय समन्वय की कमी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण वर्षों से क्षेत्र का विकास प्रभावित हो रहा है। हजारों ग्रामीण आज भी मूलभूत सड़क और परिवहन सुविधाओं से वंचित हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश सरकार एवं संबंधित विभागों से आग्रह किया कि इन जनहित के मुद्दों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। यदि शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र की जनता लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जन आंदोलन एवं विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभागों की होगी।

इस दौरान रास्त पंचायत एवं आसपास के गांवों के अनेक जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी इन मांगों का समर्थन किया। इनमें दलीप सिंह (चेयरमैन), रविंद्र (बीडीसी), सतपाल (प्रधान), धर्म सिंह फौजी, मोहन सिंह, हरि सिंह, विनोद कुमार, जीत राम, ग्यार सिंह, विद्या देवी, जगत राम, शेर सिंह, भरत सिंह, लायक राम, दियूडू राम, भीम सिंह, भगत राम, रण सिंह राणा, संत राम, रघुबीर सिंह, ओम प्रकाश, बाबू राम, बसी राम, सुनील कुमार, प्रताप सिंह, चेत राम, दलिप सिंह (सूबेदार), सीता राम (सूबेदार), सुखराम, तोता राम, दाता राम, बहादुर सिंह, जगपाल सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि रास्त, मानल, रिनोई, क्लोना, तानदियो, नाया पंजोड़, रीठ, कोनला, श्रीमाल, होलधर, खिजवाड़ी, देवलहा, खूबयाड़ी सहित दर्जनों गांवों के हजारों लोग वर्षों से सड़क और परिवहन की बदहाल व्यवस्था का खामियाजा भुगत रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सरकार से जनहित में इन मांगों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर क्षेत्र की जनता को राहत प्रदान करने की अपील की।