HP Congress News: पाँवटा साहिब सहित 14 हार वाली सीटों पर कांग्रेस का फोकस, नये चेहरों की तलाश! ddnewsportal.com
HP Congress News: सीएम सुक्खू खुद संभालेंगे कमान- पाँवटा साहिब सहित 14 हार वाली सीटों पर कांग्रेस का फोकस, नये चेहरों की तलाश!

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में बार-बार हार का सामना करने वाली 14 सीटों पर कांग्रेस सरकार और संगठन खास रणनीति बनाने पर जुट गई है। इसके लिए सीएम सुक्खू ने प्रदेश अध्यक्ष के साथ खुद कमान संभालने का मन बनाया है। इन सीटों पर खास फोकस किया जा रहा है। इन विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू अंर प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार सीधा संवाद कर रहे हैं।
सीएम सुक्खू ने इसी कड़ी में चौपाल और पच्छाद क्षेत्र से कांग्रेस नेताओं को ओक ओवर बुलाकर उनसे फीडबैक ले लिया है। अब अन्य हलकों के लिए भी कार्यकर्ता संवाद का आयोजन होगा। जिनमें पाँवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र भी शामिल है। इन विधानसभा सीटों पर भाजपा विधायकों की कमजोरियां तलाशी जा रही हैं। क्षेत्रीय मुद्दों को उठाते हुए उनकी घेराबंदी की जाएगी। भाजपा विधायकों के खिलाफ एंटीइनकमबेंसी को भी हथियार बनाया जाएगा। साथ ही पार्टी ऐसे नये चेहरों की भी तलाश में है जो जीताऊ साबित हो सकते है।

राज्य विधानसभा में भाजपा के पास 28 सीटें हैं, कांग्रेस के पास 40 हैं। भाजपा विधायकों वाली करीब पचास फीसदी यानी 14 सीटों पर कांग्रेस बार-बार हार रही है। यह हलके पाँवटा साहिब, चुराह, सुलह, सराज, सरकाघाट, जोगिंद्रनगर, नाचन, द्रंग, मंडी सदर, बंजार, हमीरपुर सदर, झंडूता, पच्छाद और चौपाल हैं। सराज से जयराम ठाकुर छठी बार लगातार विधायक हैं। चुराह से हंसराज और नाचन से विनोद कुमार भी लगातार तीन बार विधायक बन चुके हैं। नाचन से तो विनोद कुमार से पूर्व दिलेराम भी भाजपा विधायक थे।
वहीं, चौपाल से बलवीर सिंह वर्मा तीन बार विधायक बन चुके हैं। सुलह से विपिन परमार भी लगातार दो बार, सरकाघाट से दलीप ठाकुर एक बार व उनसे पहले भाजपा के ही कर्नल इंद्र सिंह दो बार, जोगिंद्रनगर से प्रकाश राणा पहले निर्दलीय तथा उसके बाद भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते, उनसे पहले यहां से गुलाब सिंह ठाकुर विधायक थे। द्रंग से वर्तमान में पूर्ण चंद विधायक हैं और उनसे पहले जवाहर ठाकुर विधायक थे। मंडी सदर से अनिल शर्मा भाजपा के टिकट पर दो बार विधायक बन चुके हैं। उससे पहले वह कांग्रेस के टिकट पर यहां से चुनाव जीते। बंजार से सुरेंद्र शौरी भी लगातार दो बार विधायक बने हैं।

हमीरपुर सदर से उपचुनाव में भाजपा का टिकट लेकर आशीष शर्मा विधायक बने, उससे पहले वह निर्दलीय चुने गए थे। आशीष से पहले इस सीट से प्रेमकुमार धूमल व उनसे पूर्व उर्मिल ठाकुर भाजपा से विधायक रहीं। झंडूता से जीतराम कटवाल लगातार दो बार विधायक बन चुके हैं। पांवटा साहिब से सुखराम चौधरी भी लगातार दूसरी बार भाजपा विधायक बने हैं। यहाँ पर सरदार स्वर्गीय रतन सिंह के बाद कांग्रेस सीट नहीं जीत पाई है।
ऐसे में राजनैतिक जानकारों का कहना है कि यदि पाँवटा साहिब में कांग्रेस ने भविष्य में जीत के बारे में लंबी सोंच रखनी है तो इस बार पार्टी को कोई नया युवा चेहरा मैदान में उतारना चाहिए। यदि 2027 में जीत न भी मिले तो कम से कम 2032 के लिए जमीन तैयार हो सकती है और कांग्रेस यहां से जीत का स्वाद चख सकती है। दूसरी बार नगर परिषद सदस्य चुने डाॅ रोहताश नांगिया, जिला परिषद सदस्य अरिकेश जंग और पार्टी की लगातार आवाज उठाने वाले मजदूर नेता प्रदीप चौहान जैसे युवाओं पर फोकस कर भविष्य की रणनीति तैयार की जा सकती है। वैसे भी कांग्रेस के हालात पाँवटा साहिब में किसी से छिपे नहीं है कि वह कितने गुटों में बंटी है इसलिए युवा प्रयोग करने में कोई नुकसान नहीं है।