सिरमौर: श्री रेणुका जी में जिला-प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली के लिए श्री कृष्णायन अखंड पाठ का आयोजन ddnewsportal.com
सिरमौर: श्री रेणुका जी में जिला-प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली के लिए श्री कृष्णायन अखंड पाठ का आयोजन
उतरी भारत के पवित्र स्थानों में से एक श्री परशुराम भगवान की जन्मस्थली, मां रेणुका के श्री चरणों में सदगुरु गुरुदेव भगवान के सानिध्य में सदगुरु गुरुदेव महाराज कृत गीताभाष्य "श्री कृष्णायन" का अखंड पाठ का आयोजन किया गया। ये आयोजन क्षेत्र और प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली के लिए माँ रेणुका जी के श्री चरणों में स्थित "संन्यासी आश्रम" में सम्पन्न हुआ।

सभी भक्तों ने मां रेणुका जी और भगवान परशुराम जी के दर्शन के साथ साथ श्री कृष्णायन अखंड पाठ का सौभाग्य प्राप्त किया। इस अखंड पाठ के साथ साथ भंडारे का भी आयोजन किया गया जिसमें सदगुरू गुरुदेव महाराज की प्रिय आत्माओं और आस पास के सभी लोगों द्वारा भंडारे के भोग का आनंद लिया गया। ये अखंड पाठ पूरी तरह से भक्तों की देख रेख में सम्पन्न हुआ। 2 दिन तक चले इस अखंड पाठ को सफल बनाने में दिघाली, पांवटा, सत्तोंन, कांटी मशवा, कमरऊ और दुगाना आदि के विभिन्न क्षेत्रों से आए भक्तों ने अपना विशेष सहयोग दिया।

इस अखंड पाठ के आयोजकों में कमरऊ निवासी और गुरुदेव महाराज के प्रिय भक्त सी. आर. शर्मा ने बताया कि "ये ग्रंथ गुरुदेव द्वारा साधारण ग्रामीण भाषा में दो, चौपाई और हिन्दी अनुवाद सहित हम सबके हितार्थ रचा गया है जिससे कि हम भी इसका पठन पाठन कर सकें और इसकी शिक्षाओं को अपने जीवन में उतार सकें। वेदों का सार उपनिषद और उपनिषदों का सार गीताजी है जिसको भगवान ने स्वयं अपने मुख से अर्जुन के समक्ष महाभारत युद्ध के दौरान सम्पूर्ण विश्व के कल्याण और कर्तव्य पालन की दृष्टि से प्रकट किया है कि हमारे कर्तव्य क्या है और हमारे अधिकार क्या है (वहीगीताजी कृष्णायन है)। कैसे हम घर में रहते हुए भी भगवान के लिए जीवन जी सकते हैं।ये ग्रंथ भगवान की वाङ्गमयी मूर्ति है।इसमें भगवान ने स्वयं अपने मुख से अर्जुन को निमित्त बनाकर जगत के लिए उपदेश दिया है।वो उपदेश आज 5000 से अधिक वर्षों के बादभी उतना ही प्रासंगिक है जितना कि उस समयथा जब उन्होंने प्रकट किया था।" अखंड पाठ के सम्पन्न होने पर भक्तों में खुशी का माहौल था। इन भक्तों में आचार्य प्रदीप शर्मा, सुशील शर्मा, आशा तोमर, मस्तो देवी, लीला शर्मा, लीला देवी, अपर्णा शर्मा, माया राम पुंडीर आदि भक्त शामिल रहे।