Himachal News: हाटी विकास मंच के प्रतिनिधिमंडल ने की राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष से मुलाकात, उठाई ये मांग... ddnewsportal.com
Himachal News: हाटी विकास मंच के प्रतिनिधिमंडल ने की राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष से मुलाकात, उठाई ये मांग...
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष से मिला हाटी विकास मंच का प्रतिनिधिमंडल, हाटी समुदाय के अधिकारों एवं गिरिपार क्षेत्र के विकास से जुड़ी मांगों को मजबूती से उठाया
नई दिल्ली: हाटी विकास मंच (पंजीकृत), हिमाचल प्रदेश के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्या, आयोग के सदस्य निरुपम चकमा एवं डॉ. आशा लकरा से शिष्टाचार भेंट कर हाटी समुदाय के अधिकारों, अनुसूचित जनजाति (ST) दर्जे के प्रभावी क्रियान्वयन तथा गिरिपार क्षेत्र के समग्र विकास से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने सर्वप्रथम भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्रदान किया जाना एक ऐतिहासिक, न्यायपूर्ण एवं दूरगामी निर्णय है। इस निर्णय से गिरिपार क्षेत्र के लाखों लोगों को सामाजिक सम्मान, संवैधानिक अधिकार तथा विकास के नए अवसर प्राप्त हुए हैं। यह लंबे समय से चली आ रही समुदाय की मांग और संघर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के समक्ष प्रमुखता से यह विषय उठाया कि वर्तमान में हाटी समुदाय को प्रदान किए गए अनुसूचित जनजाति दर्जे से संबंधित मामला माननीय उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश में विचाराधीन है। न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम स्थगन आदेश के कारण समुदाय के लाखों पात्र लोगों को अनुसूचित जनजाति वर्ग के अंतर्गत मिलने वाले लाभों से वंचित रहना पड़ रहा है। इसका सर्वाधिक प्रभाव युवाओं, विद्यार्थियों, बेरोजगारों, महिलाओं तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ रहा है, जिन्हें आरक्षण, छात्रवृत्ति, रोजगार तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
हाटी विकास मंच के प्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष जोरदार एवं प्रभावशाली ढंग से हाटी समुदाय के लाखों लोगों की भावनाओं, अपेक्षाओं एवं अधिकारों को रखा। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति का दर्जा केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि हाटी समुदाय की ऐतिहासिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और संवैधानिक अधिकारों की मान्यता है। इसलिए इस दर्जे का पूर्ण संरक्षण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से आग्रह किया गया कि हाटी समुदाय को प्रदान किए गए अनुसूचित जनजाति दर्जे का केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी विभागों में पूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही न्यायालय में लंबित मामले के शीघ्र एवं न्यायोचित समाधान के लिए आयोग अपने संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप आवश्यक पहल करे तथा समुदाय के हितों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करे।
प्रतिनिधिमंडल ने गिरिपार क्षेत्र की जीवनरेखा माने जाने वाले सोलन–राजगढ़–नौहराधार–हरिपुरधार–रोनहाट–मीनस सड़क मार्ग को प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के अंतर्गत शामिल करने अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की अनुशंसा करने का भी आग्रह किया। मंच का कहना है कि इस सड़क के उन्नयन से जनजातीय क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, कृषि, बागवानी, व्यापार एवं रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
हाटी विकास मंच ने आयोग के समक्ष यह भी मांग रखी कि गिरिपार क्षेत्र के विद्यार्थियों, युवाओं एवं महिलाओं के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजनाएं, कौशल विकास कार्यक्रम, स्वरोजगार योजनाएं, जनजातीय छात्रावास, कोचिंग सुविधाएं तथा अन्य जनजातीय कल्याणकारी कार्यक्रम प्राथमिकता के आधार पर लागू किए जाएं, ताकि क्षेत्र के लोगों को अनुसूचित जनजाति दर्जे का वास्तविक लाभ प्राप्त हो सके।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि गिरिपार क्षेत्र का विकास और हाटी समुदाय का सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं। इसलिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, रोजगार एवं आधारभूत ढांचे के विकास के लिए विशेष पैकेज प्रदान किया जाना चाहिए, जिससे क्षेत्र की वर्षों पुरानी विकासात्मक समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष माननीय अंतर सिंह आर्या, सदस्य निरुपम चकमा एवं डॉ. आशा लकरा ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना तथा हाटी समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक सहयोग एवं आवश्यक स्तर पर विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आयोग अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रस्तुत मांगों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, महासचिव डॉ. अनिल भारद्वाज, कोषाध्यक्ष एडवोकेट वी. एन. भारद्वाज, बलदेव समयाल, कपिल सिंगटा, अनिकेत सहित मंच के अन्य पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।